संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी का शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर देश भर में पुलिस द्वारा की गई हिंसा के विरोध में वरिष्ठ पत्रकार नचिकेता देसाई आज अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में उपवास पर बैठे थे। पहले तो आश्रम के गांधीद्रोही ट्रस्टियों ने अपनी कायरता और सरकार-भक्ति का परिचय देते हुए नचिकेता देसाई को आश्रम परिसर से हटाया और जब वे आश्रम के बाहर उपवास पर बैठ गए तो वहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

उल्लेखनीय है कि नचिकेता देसाई महात्मा गांधी के निजी सचिव रहे महादेव भाई देसाई के पौत्र और गांधी कथाकार नारायण भाई देसाई पुत्र हैं। वे देश के कई शहरों में रहते हुए बडे और प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में काम कर चुके हैं और इस समय अहमदाबाद में ही रहते हैं।

नचिकेता देसाई को पहले आश्रम से बाहर करना और फिर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाने का पूरा वाकया यह बताता है कि देश के दोनों ‘परम प्रतापी’ नेता (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह) और उनके आशीर्वाद से गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर बैठे विजय रुपानी किस कदर राजनीतिक असुरक्षा बोध से ग्रस्त हैं कि वे गांधी के प्रिय हथियार उपवास से भी डरने लगे हैं।

बहरहाल अहमदाबाद पुलिस नचिकेता देसाई को गिरफ्तार कर साबरमती आश्रम के नजदीकी थाने में ले गई है। नचिकेता देसाई ने थाने से ही ऐलान किया है कि पुलिस उन्हें चाहे जहां रखे, उनका उपवास 31 दिसंबर तक जारी रहेगा।

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