ख्वाजा हमीद ने वर्ष 1935 में केमिकल, इंडस्ट्रियल एंड फार्मास्युटिकल लबोरेट्रीज़ की स्थापना की थी । आज़ादी के कुछ दशकों के बाद इसी को CIPLA सिपला के संक्षिप्त नाम से जाना गया। यही कंपनी हाइड्रोक्सीक्लोरोकुईन का उत्पादन करती है जिसका इस्तेमाल मलेरिया, ल्यूपस और संधिवात गठिया तक के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है । इसे ट्रम्प प्रशासन की एक धमकी के आगे घुटने टेकते हुए अब गरीब भारतीयों से छीन कर इतनी बड़ी तादाद में अमरीका को निर्यात कर दिया गया है। ऐसी ही एक जेनेरिक दवा को लेकर अमेरिका के साथ टकराव हुआ था तो तत्कालीन प्रधानमंत्री ने घुटने टेकने से इंकार कर दिया था और सिपला के साथ खड़ी  रहीं।