इन दिनों भारत के डिजिटल होने पर काफी जोर है. डिजिटल इंडिया हुक्मरानों का एक बहुत बड़ा सपना है. नोटबंदी के बाद से ही ऑनलाइन भुगतान का चलन बढ़ गया है या यूं कहें कि बढा दिया गया है. पेटीएम, भीम और इसी तरह की त्वरित भुगतान वाली कई ऐप्स बाजार में आ चुकी हैं जिनका इस्तेमाल लोग धड़ल्ले से कर रहे हैं. नकद लेनदेन की जगह अब ऑनलाइन भुगतान चलन में है और लोग बजाय बाजार जाने के घर बैठे ही उपभोक्ता उत्पाद खरीद रहे हैं. इस डिजिटल लेनेदेन से उपभोक्ताओं का समय भी बच रहा है और बैंक से पैसा निकाल कर भुगतान करने की जहमत से बचा जा रहा है और कई लोगों का इसमें जबरदस्त विश्वास भी है. लेकिन सवाल है कि क्या डिजिटल या ऑनलाइन लेन-देन पूरी तरह सुरक्षित सुरक्षित है? जवाब है- बिल्कुल नहीं। बडे धोखे हैं इस राह में।