आजादी के बाद से लेकर अब तक गंगा को प्रदूषण से आजाद कराने के लिए कई योजनाएं बनीं। अरबों रुपए खर्च हो गए लेकिन गंगा और मैली होती चली गई। मौजूदा सरकार ने तो बेहद जोर-शोर से गंगा को साफ करने की योजना बनाई थी, लेकिन सरकारी आंकडें साफ तौर चुगली कर रहे हैं कि बीते चार सालों में गंगा और ज्यादा गंदी हो गई है। उसका पानी पीने लायक तो दूर नहाने लायक भी नहीं रहा।