मैंने दो बार डॉ. राममनोहर लोहिया को कॉफी हाउस आते देखा था। प्रथम बार डॉ॰ साहब के साथ विश्व प्रसिद्ध पेंटर मकबूलफिदा हुसैन, जो कि नंगे पैर थे तथा प्रो॰ रमा मित्रा, साहित्यकार श्रीकांत वर्मा, प्रसिद्ध काटूर्निस्ट राजेन्द्र पुरी थे। दूसरी बार, हैदराबाद से आए हुए बदरी विशाल पित्ती, दिल्ली के प्रसिद्ध वकील प्राणनाथ लेखी, मनीराम बागड़ी (भू.पू् संसद सदस्य) तथा उर्मिलेश झा (निजी सचिव) इत्यादि थे। डॉ॰ साहब के कॉफी हाउस में आते ही हलचल बढ़ जाती थी।