इन दिनों समूचा उत्तर भारत युद्धोन्मादी अंधराष्ट्रवाद की चपेट में है। हर तरफ से मार दो-काट दो, घर में घुसकर मार दो, पाकिस्तान को नेस्तनाबूद कर दो जैसी पागलपन भरी चीखें सुनाई दे रही है। इसके उलट दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के तमाम राज्य इस उन्मादी लहर से आज ही नहीं बल्कि हमेशा ही लगभग अछूते रहते हैं। उत्तर और शेष भारत में इस मोटे फर्क की वजह आखिर क्या है?