यादें दिल्ली के फिल्म थियेटरों की

मेरे बाबू जी जब भी चांदनी चौक हमें ले जाते तो विग पूरी वाले के छोले भटूरे और और गर्मागर्म गुलाब जामुन खाने को मिलते थे ।विज पूरी वाला की बड़ी सी दुकान , जैन मंदिर और गौरी शंकर मंदिर के सामने जहां आजकल फूल वाले बैठते हैं, वहां होती थी।उसको भी हटा दिया गया। छोले भटूरे खाने और गुलाब जामुन खाने के बाद किसी न किसी थियेटर में पिक्चर देखी जाती थी।अगर हाउस फुल होता और टिकट नहीं मिलती तो मन बहुत उदास हो जाता।

लाडली मोहन निगम: समाजवादी यायावर 

लाडली मोहन निगम समाजवादी आंदोलन के ऐसे नेता थे जिन्होंने राजनीति को एक यायावर की तरह जिया।  समाज को बदलने की जिद वाले ऐसे बहुत काम लोग हैं जो संघर्ष का आनंद ले पाते हैं।  उन्होंने संघर्ष को एक कलाकार की तरह जिया और एक साहित्यकार की तरह इसका रस लेते रहे।  वह आपातकाल के दौरान प्रसिद्ध बड़ौदा  डायनामाइट केस में अभियुक्त बनाये गए थे , लेकिन भूमिगत हो गए।