ट्रिपल तलाक़ के इस कानून में धारा 7(बी) समझौते की बात करती है, पर यह समझौता अपराध दर्ज होने के बाद की स्थिति के बारे में है। परंतु इसमें पति-पत्नी के बीच अपराध के दर्ज होने के पूर्व किसी भी प्रकार की बात-चीत / मध्यस्थता का कोई प्रावधान नही है । इसलिये ऐसी स्थिति मे अगर अपराध दर्ज हो जाता है और पति को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है तो केवल अपराध से संबधित समझौता हो सकता है। लेकिन क्या यह समझौता पति-पत्नी को एक बार फिर से साथ रहने को प्रेरित करेगा या कानूनी तलाक की ओर प्रेरित करेगा ?